Skip to main content

भारत के अनोखे रेलवे स्टेशन, कहीं लगता है वीजा तो कहीं टिकट के लिए लगती है 2 राज्यों जितनी लंबी लाइन

 

भारत के अनोखे रेलवे स्टेशन, कहीं लगता है वीजा तो कहीं टिकट के लिए लगती है 2 राज्यों जितनी लंबी लाइन

Meraj Uddin Siddiqui

Merajjourno@gmail.com

https://twitter.com/MerajUd12507952


भारत में हज़ारों रेलवे स्टेशन हैं। इनमें से कुछ अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर हैं तो कुछ अपने भूतिया किस्सों के लिए। लेकिन कुछ ऐसे अनोखे रेल स्टेशन भी हैं जो अपनी लंबाई के लिए भी मशहूर हैं। इनमें से एक रेलवे स्टेशन तो ऐसा भी है जहाँ भारतीय नागरिकों का भी वीजा लगता है। आज के इस लेख में हम आपको देश के कुछ ऐसे ही अनोखे रेलवे स्टेशनों के बारे में बताने जा रहे हैं-


#भवानीमंडी रेलवे स्टेशन

दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर स्थित भवानीमंडी रेलवे स्टेशन एक नहीं, बल्कि दो राज्यों में पड़ता है। जी हाँ, यह स्टेशन राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित है। इस रेलवे स्टेशन पर बेंच के आधे हिस्से में राजस्थान लिखा है और आधे में मध्यप्रदेश। इस स्टेशन की एक अनोखी बात यह है कि इस स्टेशन का बुकिंग काउंटर मध्य प्रदेश के मंदसोर जिले में है तो वहीं स्टेशन में प्रवेश का रास्ता और वेटिंग रूम राजस्थान के झालावाड़ जिले में है।

#अटारी रेलवे स्टेशन 

अटारी रेलवे स्टेशन भारत-पाकिस्तान की सीमा के पास स्थित है। यह देश का इकलौता ऐसा रेलवे स्टेशन है जहां भारतीय नागरिकों को जाने के लिए वीजा की जरूरत पड़ती है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित होने के कारण अटारी रेलवे स्टेशन पर हमेशा सुरक्षा बल तैनात रहती है। इतना ही नहीं, अगर कोई भी व्यक्ति यहां बिना वीजा के पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाई की जाती है। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ 14 फोरन एक्ट के तहत मामला दर्ज होता है। इस धारा के लगने के बाद बेल भी मुश्किल से ही मिलती है।

#नवापुर रेलवे स्टेशन 

महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में एक अनूठा रेलवे स्टेशन है दो राज्यों में बंटा हुआ है। यह स्टेशन गुजरात और महाराष्ट्र दोनों राज्यों की सीमा में पड़ता है। इस रेलवे स्टेशन पर बेंच के आधे हिस्से में महाराष्ट्र लिखा है और आधे में गुजरात। इस रेलवे स्टेशन की एक अनोखी बात यह भी है कि यहाँ हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी जैसी अलग-अलग भाषाओं में घोषणाएं की जाती हैं।


#बेनाम रेलवे स्टेशन 

पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में एक ऐसा अनूठा रेलवे स्टेशन है जिसका कोई नाम ही नहीं है। यह स्टेशन बर्धमान से 35 किलोमीटर दूर बांकुरा-मैसग्राम रेल लाइन पर स्थित है। 2008 में जब इस स्टेशन का निर्माण हुआ था एक इसे एक नाम भी मिला था - 'रैनागढ़।' लेकिन रैना गांव के लोगों ने इसका विरोध किया और उन्होंने रेलवे बोर्ड से इस मामले की शिकायत कर दी। तब से ना तो इस मामले पर कोई फैसला आया और ना ही इस स्टेशन को कोई नाम मिला। 


#झारखंड का बेनाम रेलवे स्टेशन 

झारखंड की राजधानी रांची से टोरी जाने वाली ट्रेन भी एक बेनाम होकर गुजरती है। इस स्टेशन पर कोई भी साइन बोर्ड देखने को नहीं मिलता। 2011 में जब इस स्टेशन से पहली बार ट्रेन का परिचालन हुआ था तब इसका नाम बड़कीचांपी रखने का सोचा गया था। लेकिन यह बात कमले गांव के लोगों को पसंद नहीं आई। इस विवाद के बाद इस स्टेशन को आज तक कोई नाम नहीं मिला है।


Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

Vitamin B12 Defic iency : दिमाग़, नसों और ख़ून की सेहत के लिए ज़रूरी Vitamin B12 एक बहुत अहम विटामिन है, जो दिमाग़ ( Brain ), नसों ( Aasab ) और ख़ून ( Khoon ) की सेहत के लिए बेहद ज़रूरी माना जाता है। आधुनिक चिकित्सा ( Modern Medicine ) और यूनानी चिकित्सा ( Unani Tib ) — दोनों ही Vitamin B12 की कमी को गंभीर समस्या मानती हैं।   Vitamin B12 क्या करता है? दिमाग़ की नसों को मज़बूत करता है याददाश्त ( Memory ) बेहतर रखता है ख़ून में RBC बनने में मदद करता है नसों की कमजोरी ( Aasab ki kamzori ) से बचाता है ⚠️ Vitamin B12 Deficiency के लक्षण ( Symptoms ) अगर शरीर में Vitamin B12 कम हो जाए तो ये लक्षण दिख सकते हैं: हाथ–पैर में झनझनाहट कमजोरी और थकान चक्कर आना भूलने की बीमारी आंखों के आगे अंधेरा जीभ में जलन दिल की धड़कन तेज़ ख़ून की कमी ( Anemia ) 👉 यूनानी में इसे “ Aasab aur Khoon ki kamzori ” कहा जाता है। 🩺 किन बीमारियों में B12 कम हो सकता है? निम्न बीमारियों में Vitamin B12 की कमी आम पाई जाती है: Diabetes (शुगर) Thyroid ⇨⇨ Gastritis / Acidity पेट की पुरानी बीमारी Liver Disease Kidney...

मुस्लिम वोट के लिए कर सकते हैं धर्म परिवर्तन अखिलेश : राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला

  अखिलेश को मिल रहा आईएसआई का संरक्षण, मुस्लिम वोट के लिए कर सकते हैं धर्म परिवर्तन :  यूपी  राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला I मेराज उद्दीन सिद्दीकी, पीबीसी न्यूज  03  नवंबर, 2021  09 PM विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर बड़ा दावा किया है। उत्तर प्रदेश के मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने आरोप लगाया है कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का संरक्षण प्राप्त है और कहा कि वह मुसलमानों को खुश करने के लिए धर्म परिवर्तन कर सकते हैं। मंत्री ने अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश को पड़ोसी देश की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से भी आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्लामिक जगत के लिए चुनौती यूपी सरकार में मंत्री आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्लामिक जगत के लिए चुनौती बन गए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश य...

हिंदी जबान में उर्दू शब्दों से बढ़ती सुंदरता-"हिंदी और उर्दू का ऐतिहासिक संबंध"। मेराज उद्दीन सिद्दीकी

 "हिंदी और उर्दू का ऐतिहासिक संबंध"- हिंदी जबान में उर्दू शब्दों से बढ़ती सुंदर ता                                                     मेराज उद्दीन सिद्दीकी✐ भा षा केवल संवाद का   माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति, इतिहास और सभ्यता की पहचान होती है। हिंदी और उर्दू का रिश्ता भी इसी सांस्कृतिक संगम का प्रतीक है। दोनों भाषाएँ न सिर्फ़ एक ही मिट्टी से उपजी हैं, बल्कि भावनाओं, संवेदनाओं और अभिव्यक्तियों को सँवारने में एक-दूसरे की पूरक भी हैं। "हिंदी और उर्दू का रिश्ता सिर्फ भाषा का नहीं, बल्कि इतिहास और संस्कृति का भी है। जानिए इन दोनों भाषाओं की समानताएँ, अंतर और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इस लेख में।" "हिंदी और उर्दू का विकास: एक सांस्कृतिक यात्रा" हिंदी और उर्दू का संबंध हिंदी और उर्दू का इतिहास हिंदी और उर्दू में अंतर हिंदी और उर्दू की समानताएँ हिंदी और उर्दू का विकास एक ही दिल, दो नाम  हिंदी-उर्दू के इस गहरे संबंध को एक मशहूर शेर बखूबी बया...